दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नगर निगम गुरुग्राम और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुसार, 5 से 20 नवंबर 2026 तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक रहेगी। इसके अलावा, सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आ सकेंगे, जबकि बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा।
सड़कों, फ्लाईओवर और हाईवे के काम भी प्रतिबंध के दायरे में
प्रशासन के आदेश के मुताबिक, प्रतिबंध केवल इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पाइपलाइन, बिजली ट्रांसमिशन और टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े धूल फैलाने वाले बाहरी निर्माण कार्य भी इसके दायरे में आएंगे। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी निर्धारित परियोजनाओं को छूट दी गई है। इन परियोजनाओं को भी धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करना होगा।
कार्यालयों को पहले से बनाना होगा रोस्टर
सरकारी और निजी कार्यालयों को 5 से 20 नवंबर तक कर्मचारियों की उपस्थिति का रोस्टर तैयार करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम करना है। जिन औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं में वर्क फ्रॉम होम संभव नहीं है, उन्हें निर्धारित नियमों के तहत छूट दी जा सकती है। आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी भी दी गई है।

