गुरुग्राम के DLF Phase-I से V तक अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर DTCP के सर्वे में 5,099 संपत्तियां नियम उल्लंघन के लिए चिन्हित की गई हैं। इनमें करीब 43% यानी 2,179 संपत्तियां EWS प्लॉट हैं।
DTCP के आंकड़ों के अनुसार, इन इलाकों में अवैध निर्माण, स्टिल्ट फ्लोर में बदलाव और रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले सामने आए हैं। कुछ EWS प्लॉट पर बहुमंजिला इमारतों के अलावा PG, क्लीनिक, जिम और दुकानें चलने की बात भी सामने आई है।
DLF Phase-III में सबसे ज्यादा 3,203 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं। इनमें 1,874 यानी करीब 58.5% EWS प्लॉट हैं। वहीं U-Block में अकेले 1,362 EWS संपत्तियां नियम उल्लंघन के दायरे में बताई गई हैं।
DTCP ने Phase-I से V तक 4,330 संपत्तियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं, जबकि 4,019 मामलों में रिस्टोरेशन ऑर्डर पारित किए गए हैं। हालांकि, अब तक 102 संपत्तियों पर ही भौतिक कार्रवाई हुई है। इनमें 83 Phase-III और 19 Phase-IV की संपत्तियां शामिल हैं।
विभाग के मुताबिक कार्रवाई में देरी की वजह बड़ी संख्या में मामले, कानूनी प्रक्रिया और अदालतों के अंतरिम आदेश हैं। DTCP ने यह भी स्पष्ट किया है कि सर्वे में किसी संपत्ति का चिन्हित होना अपने आप में अंतिम रूप से उल्लंघन साबित नहीं करता। नोटिस, जवाब और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है।

