नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को राजधानी में अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई के दौरान 700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कथित अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर उतरे थे। इस दौरान छात्र संगठनों सहित विभिन्न समूहों ने दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शन किए। पुलिस ने कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने न्यायालय परिसरों के आसपास लगाए गए निषेधात्मक प्रतिबंधों से संबंधित नोटिस हटाने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों की न्याय तक पहुंच बाधित न हो।
इससे पहले अदालत ने दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने, इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित नहीं करने और लोगों की आवाजाही बहाल रखने के निर्देश भी दिए थे।
वहीं, प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग और भाजपा मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। मामले को लेकर दिल्ली में राजनीतिक तनाव बना हुआ है।

