गुरुग्राम: साइबर सिटी की हवा ने सितंबर में चिंता बढ़ा दी। गुरुग्राम में सितंबर 2026 का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 114.8 दर्ज किया गया, जो पिछले तीन वर्षों में सितंबर का सबसे खराब स्तर है। आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2024 में औसत AQI 91.1 और 2025 में 84.9 रहा था।
महीने के दूसरे हिस्से में तेजी से बढ़ा प्रदूषण
सितंबर की शुरुआत में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर थी। 1 सितंबर को AQI 94 रहा और शुरुआती 18 दिनों का औसत करीब 90 था। लेकिन 19 सितंबर के बाद प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी हुई।
20 से 24 सितंबर के बीच पांच दिनों तक AQI लगातार ऊंचे स्तर पर रहा। 22 सितंबर को AQI 242 तक पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इन पांच दिनों का औसत AQI करीब 221.2 रहा।
हालांकि, 25 सितंबर के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार आया और 27 सितंबर को AQI 71 तक गिर गया। 30 सितंबर को यह 114 दर्ज किया गया।
कम बारिश और धूल बनी बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल कम बारिश, मानसून की जल्दी वापसी, सड़क की धूल, कचरा जलाने और निर्माण गतिविधियों ने प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभाई। कम बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषकों को साफ करने की प्राकृतिक प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।
गुरुग्राम की स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह NCR के एयरशेड का हिस्सा है। शहर की हवा पर स्थानीय प्रदूषण के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले प्रदूषकों और मौसम संबंधी परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।
PM2.5 और PM10 में भी बढ़ोतरी
सितंबर में गुरुग्राम का औसत PM2.5 स्तर 58.94 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जबकि PM10 का औसत 106.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। दोनों प्रदूषकों का स्तर पिछले साल की तुलना में बढ़ा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर 2026 का AQI पिछले दो वर्षों से खराब जरूर रहा, लेकिन इसे अभी से बेहद प्रदूषित सर्दियों का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। मौसम में बदलाव और स्थानीय-क्षेत्रीय उत्सर्जन दोनों पर आगे नजर रखना जरूरी होगा।

