बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा है। 7 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें शिकायतकर्ता को ₹2 करोड़ जमा करने के लिए 13 अक्टूबर तक की मोहलत दी।
मामला एक निजी कंपनी से जुड़े पुराने वित्तीय विवाद का है। कोर्ट ने पहले ही यादव को ₹2 करोड़ जमा करने का निर्देश दिया था, लेकिन तय समय सीमा में पूरी रकम जमा नहीं हो सकी। इससे नाराज सुप्रीम कोर्ट ने उनके रवैये पर गंभीर टिप्पणी की और चेतावनी दी कि भुगतान में लगातार देरी होने पर उनकी सजा बढ़ाई भी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद अदालत में पेश हुए और ₹1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया। बाकी ₹85 लाख एक संपत्ति के संभावित खरीदार के जरिए जमा किए जाने की बात कही गई। कोर्ट ने शेष रकम के भुगतान के लिए 13 अक्टूबर तक का समय दिया है।
यह विवाद उनकी वर्ष 2012 में आई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े वित्तीय लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि ₹2 करोड़ जमा होने के बाद ही हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी फिल्म के नाम का संदर्भ देते हुए उनके पैसों को लेकर भी टिप्पणी की। साथ ही उन्हें अपनी छवि सुधारने के लिए अच्छी फिल्में बनाने और दर्शकों का मनोरंजन करने की सलाह दी गई।

