भारत अपनी 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत सरकार के अनुसार, यह सम्मेलन BRICS सहयोग को आगे बढ़ाने और वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
भारत की BRICS अध्यक्षता का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। इसके तहत व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा, पर्यावरण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर जोर
BRICS के व्यापार मंत्रियों की बैठक में पहले ही BRICS Economic Partnership Strategy 2030 को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हुई है। भारत ने सदस्य देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, सेवाओं में सहयोग मजबूत करने और वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक मजबूत एवं विविध बनाने पर जोर दिया है।
वैश्विक कूटनीति के लिए अहम मंच
शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, वित्तीय सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान BRICS को अधिक लचीला, नवाचार-केंद्रित, सहयोगी और टिकाऊ बनाने पर जोर दे रहा है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी 12-13 सितंबर को भारत में होने वाले 18वें BRICS Summit में शामिल होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को पुतिन के साथ बैठक के दौरान उनके भारत दौरे का उल्लेख किया था।

