पेपर लीक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने अपने वीडियो संदेश की शुरुआत “फ्रेंड्स” कहकर की, जिसने खासकर युवा वर्ग का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक से जुड़े मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह थी कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो, इसलिए समय रहते परीक्षाओं का आयोजन कराया गया और लाखों विद्यार्थियों को राहत मिली।
अपने संदेश में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सरकार अब पेपर लीक के मामलों में और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिस पर जल्द ही सरकार स्तर पर चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान किए जाएंगे। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना है।
प्रधानमंत्री का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। खास तौर पर युवाओं के बीच इस संदेश को लेकर काफी चर्चा देखने को मिली।

