मेरठ सेंट्रल मार्केट में सीलिंग से हड़कंप, व्यापारियों का विरोध तेज
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास परिषद ने अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही और व्यापारियों के विरोध के चलते माहौल तनावपूर्ण बन गया।
कड़ी सुरक्षा के बीच चला अभियान
प्रशासन ने पहले से ही पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया था। कई थानों की पुलिस, पीएसी और दमकल विभाग की टीमें मौके पर तैनात रहीं। किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई।
कार्रवाई की शुरुआत सुधा अस्पताल से हुई, जिसके बाद अन्य चिन्हित इमारतों को भी सील किया गया।
सड़क पर उतरे व्यापारी, पुलिस से बहस
सीलिंग के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और आवास विकास परिषद की टीम का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही करीब 70 करोड़ रुपये जमा किए हैं, ऐसे में बिना समाधान दिए इस तरह की कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने पहले पैसे वापस करने की मांग उठाई।
राजनीतिक तकरार भी सामने आई
मौके पर समाजवादी पार्टी के नेता जीतू नागपाल भी पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर एडीएम सिटी बृजेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए राजनीतिक बयानबाजी से बचने की चेतावनी दी।
नागपाल ने जवाब दिया कि वह व्यापारी होने के नाते उनके हित में आवाज उठा रहे हैं।
30 अप्रैल तक समय देने की मांग
मेरठ मंडल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने प्रशासन से 30 अप्रैल तक का समय मांगा है ताकि व्यापारी अपने कारोबार को व्यवस्थित कर सकें।
हालांकि, प्रशासन ने साफ किया कि जमा पैसा भू-उपयोग परिवर्तन के लिए था और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते कार्रवाई रोकी नहीं जा सकती।
कार्रवाई से पहले ही मची अफरा-तफरी
सीलिंग की आशंका के चलते बाजार में पहले से ही हलचल शुरू हो गई थी। कई दुकानदारों ने रातों-रात अपना सामान हटाना शुरू कर दिया, जबकि कुछ ने खुद ही अवैध निर्माण तोड़ दिए।
मंगलवार को व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद रखा।
अस्पताल और स्कूल भी प्रभावित
इस कार्रवाई की जद में 6 अस्पताल और 6 स्कूल भी आए हैं। मरीजों को पहले ही दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं कई स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी, जिससे अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली।
गुरुवार को मेरठ बंद का ऐलान
सीलिंग के विरोध में व्यापारिक संगठनों ने एकजुट होकर गुरुवार को मेरठ बंद बुलाया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ कुछ इमारतों का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी का सवाल है।
प्रशासन अलर्ट, बाजार में धरना जारी
फिलहाल सेंट्रल मार्केट में व्यापारी धरने पर बैठे हैं और प्रदर्शन जारी है। प्रशासन ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हर हाल में कराया जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

